दोस्तों में से एक दोस्त की फिजिकल प्रेजेंस कम हो गई। virtually तो वह कभी अलग हो ही नहीं सकता। 19 जनवरी 2020 संडे सुबह काम पर जाने के लिए तैयार हो रहा था। एक टांग पेंट में और दूसरी अंदर जाने की तैयारी में थी, कि फोन घन घना उठा. नजर पड़ी तो कपिल का था. अक्सर इतनी सुबह हम दोस्तों को एक-दूसरे को फोन करने की आदत नहीं है. निशाचर जो ठहरे. आधा अंदर और आधा बाहर वाली स्थिति में ही मोबाइल उठाया. " मेहता,जवाहर नहीं रहा." कुछ मिनट्स का pause... दूसरी टांग पर ठंड अब ज्यादा महसूस होने लगी थी। पर हाथ थे कि चल ही नहीं रहे थे। यह कुछ चंद लम्हे कई सालों जैसे लंबे महसूस हो रहे थे। "राजीव का फोन आया था।" उसने बोला। कपिल की आवाज किसी रोबोट जैसी संवेदनहीन लग रही थी। यतेंद्र को फोन किया तो उसकी शुरुआत हुई भैनचौ... कोई दोस्त ही ऐसा रिएक्शन दे सकता है। हरीश हमेशा की तरह हम सबसे ज्यादा संयत था। पॉल द ग्रेट हर्ट थे और मणिपुर से अपनी भावना इजहार कर रहे थे। मुनीश से कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था और लवलीन बिल्कुल ब्लैंक थी। लगातार अपने अपने स्त्रोतों को खंगाला जा रहा था, जो लंदन से हमें सही सिचुएशन बता सके। ऑफिस जाने का मन और हिम्मत दोनों ही नहीं थे। हम सब cricess of recation से गुजर रहे थे। क्या react करें कैसे react करें कुछ समझ ही नहीं आ रहा था। कोई गालियां दे रहा था, कोई हंस रहा था, कोई बिल्कुल सदमे में था, कोई बिलकुल चुप तो कोई बहुत बड़बड़ा रहा था। कभी ऐसा भी होगा सोचा ही ना था। एक दूसरे को दिन भर फोन इसलिए नहीं होते रहे कि कोई जरूरत थी, बल्कि एक दूसरे से बात करके ही हम खुद को समझाने की कोशिश कर रहे थे। दीपा (जवाहर की बहन) से बात करने की हिम्मत ही नहीं हो पा रही थी। राधाकृष्णन,अमिताभ, हिमांशु, प्रियंका इत्यादि इत्यादि सभी से अचानक ही कई सालों के बाद मैसेजिंग चालू हो गई... कड़ी जवाहर ही था। फेसबुक अपडेट देखकर ऐसे कई फोन आने चालू हुए जिनको मैं जानता ही नहीं था, वह जवाहर के schoolmates या ऑफिस कलीग थे। यह जवाहर का व्यक्तित्व ही था कि जो उससे मिला, हमेशा के लिए उसी का हो गया। हम दोस्तों के बीच का अटल बिहारी यानी आजाद शत्रु था।
ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर की बात है- शायद फर्स्ट क्वार्टर की,
हम दोनों डीटीसी की U SPECIAL में थे मैंने पूछा यार कोर्स कैसा चल रहा है? तपाक से जवाब आया कि मैंने तो SYLLABUS पूरा भी कर लिया। एक गजब का CONFIDANCE था साले मे। और वाकई जवाहर तूने लाइफ का सिलेबस सबसे पहले पूरा किया। Kasturi Rangan Jawahar K R Jawahar 02/10/1975 to 18/01/2020